मेरी मजेदार सहेलियां
दो मर्दखोर फ़्रेंड्स वीणा और बंदना के साथ सेक्स का जो मजा लिया वो बताती हूं।वीणा 33 साल की है और बंदना 23 की ।उस दिन हमने आपस में मस्ती की थी । हम तीनों नंगी हुईं और आपस में सट गईं, यानी मैं मैं वीणा की गांड से और वीणा बंदना की गांड से चिपट गई।इसी पोजीशन में मैंने अपनी झांटदार चूत उचका-उचका वीणा की गांड मारी जैसे कि एक मर्द मारता है और वीणा ने बंदना की ।मैं उन दोनों की गांड और चूत में अंगुल कर-कर मजा ले- दे रही थी । फिर मैंने बंदना की चूत अपनी चूत से चिपटा धक्का जमाया , दे धक्के पे धक्का । मैणे वीणा की भी एसे ही चूत मारी ।फिर दोनों ने मेरी भी गांड पर चढ धक्काधौल किया । इस के बाद हमने आपस में चुम्माचाटी की और नहा लिये । असली खेल अब शुरू होना था ।
मुझे पुख्ता उम्र के मर्द से मजा लड़वाने का शौक था । इस बार लाला रमणीकलाल जाट आये, वो मोटे-मुस्टंडे सांड की तरह थे और उनकी आंखों से घोर वासना फफकती थी । 55 साल के होने पर भी उनका बदन चोदने में एक जवान पट्ठे जैसा फुर्तीला था ।लंड काला भुजंग, जांघें हाथी सी । वो हम तीनों को कुत्सित ढंग से चोदना चाहते थे, पर हमनें भी एक शर्त रख दी थी सो शर्त के मुताबिक वो अपने साथ दो कमसिन छोरे लेकर आये, सोलह-सत्रह की उम्र के । उनके नाम थे--- किशोर,16 साल और कुमार, 17 । परिचय कराया कि बंदना तुम् लोगों की बड़ी बहिन है और वीणा मौसी । और मेरा परिचय दिया की मैं उन दोनों की सगी अम्मा जैसी ही हूं।
हम तीनों, यानी मैं, वीणा और बंदना मादरजात नंगी होकर जानवर की तरह चारों टांगों पर थीं,एक गोल घेरे में।रमणीकलाल ने पहले हम तीनों को ठोक-बजा कर देखा।फिर हमें खड़ा करवाया और एक साथ बंदना और वीणा के बुरी तरह से गाल मरोड़ चुम्मा काटाअम तीनों एक कतार में थीं, लाला मेरे पीछे लग गया,उसका विशाल मोटा भुजंग लंड मेरी गांड से टकरा रहा था और साथ ही वो वीणा और बंदना की चूत में अंगुल घुसा-घुसा मजे ले रहा था। ये वाकया दोनो छोरे चसकारा ले-ले देख रहे थे।
फिर जैसे कि उसे कुछ याद आया, उसने दोनों छोकरों को इशारा किया कि वो अपनी मां,मौसी और बहन को चोदें यानी मुझे, वीणा व बंदना को।
आह, उन दोनों छोकरों की नंगी जवानी देख मैं सिसक पड़ी।रमणीकलाल हरामी था,उसने बहुत भद्दी और अश्लील भाषा में उनको कहा-- '' फुद्दी बाद में, पहले तुम दोनों बारी-बारी अपनी मां की गांड मारो।''हाये राम , दोनो छोरों के लंड गोरे-गोरे,चिकने-चिकने।मैंने टसक कर कहा, '' बेटा आजाओ, अपनी मां की नंगी-चौड़ी गांड पर चढ जाओ''।जब छोटा मेरी गांड मार रहा था तो बड़ा मेरे मुंह में लंड दे रहा था।फिर बड़े ने मेरी गांड मारी तो छोटा दे मेरी चूत में लंड।
मुझे पुख्ता उम्र के मर्द से मजा लड़वाने का शौक था । इस बार लाला रमणीकलाल जाट आये, वो मोटे-मुस्टंडे सांड की तरह थे और उनकी आंखों से घोर वासना फफकती थी । 55 साल के होने पर भी उनका बदन चोदने में एक जवान पट्ठे जैसा फुर्तीला था ।लंड काला भुजंग, जांघें हाथी सी । वो हम तीनों को कुत्सित ढंग से चोदना चाहते थे, पर हमनें भी एक शर्त रख दी थी सो शर्त के मुताबिक वो अपने साथ दो कमसिन छोरे लेकर आये, सोलह-सत्रह की उम्र के । उनके नाम थे--- किशोर,16 साल और कुमार, 17 । परिचय कराया कि बंदना तुम् लोगों की बड़ी बहिन है और वीणा मौसी । और मेरा परिचय दिया की मैं उन दोनों की सगी अम्मा जैसी ही हूं।
हम तीनों, यानी मैं, वीणा और बंदना मादरजात नंगी होकर जानवर की तरह चारों टांगों पर थीं,एक गोल घेरे में।रमणीकलाल ने पहले हम तीनों को ठोक-बजा कर देखा।फिर हमें खड़ा करवाया और एक साथ बंदना और वीणा के बुरी तरह से गाल मरोड़ चुम्मा काटाअम तीनों एक कतार में थीं, लाला मेरे पीछे लग गया,उसका विशाल मोटा भुजंग लंड मेरी गांड से टकरा रहा था और साथ ही वो वीणा और बंदना की चूत में अंगुल घुसा-घुसा मजे ले रहा था। ये वाकया दोनो छोरे चसकारा ले-ले देख रहे थे।
फिर जैसे कि उसे कुछ याद आया, उसने दोनों छोकरों को इशारा किया कि वो अपनी मां,मौसी और बहन को चोदें यानी मुझे, वीणा व बंदना को।
आह, उन दोनों छोकरों की नंगी जवानी देख मैं सिसक पड़ी।रमणीकलाल हरामी था,उसने बहुत भद्दी और अश्लील भाषा में उनको कहा-- '' फुद्दी बाद में, पहले तुम दोनों बारी-बारी अपनी मां की गांड मारो।''हाये राम , दोनो छोरों के लंड गोरे-गोरे,चिकने-चिकने।मैंने टसक कर कहा, '' बेटा आजाओ, अपनी मां की नंगी-चौड़ी गांड पर चढ जाओ''।जब छोटा मेरी गांड मार रहा था तो बड़ा मेरे मुंह में लंड दे रहा था।फिर बड़े ने मेरी गांड मारी तो छोटा दे मेरी चूत में लंड।
9 years ago
Ye hoti hai chudakkad jwani